चांदनी की बारिश
एपिसोड 1 – पहली नज़र
बारिश की फुहारें शहर के हरे-भरे इलाके में फैले कैफे की खिड़कियों से टकरा रही थीं। आरव, नीली शर्ट और सफेद पैंट में, कैफे की कोने वाली टेबल पर बैठा था। उसके सामने खुला नोटबुक था, पर उसकी नजरें बाहर गिरती बूंदों पर टिक गई थीं।
तभी दरवाजे पर माया आई। लाल साड़ी में वह जैसे बारिश की खुद की रानी लग रही थी। दुपट्टा हल्की हवा में लहराया और उसकी शर्मीली मुस्कान ने पूरे कैफे को चमका दिया।
आरव (मन ही मन): “आज कैसा लग रहा है… क्या मैं उसे बोलूँ?”

एपिसोड 2 – नज़र और स्पर्श
धीमी पीली लाइट ने कैफे के कोने को और रोमांटिक बना दिया। आरव ने धीरे-धीरे माया की ओर हाथ बढ़ाया। माया ने झिझकते हुए उसका हाथ थामा।
उनके हाथों के हल्के स्पर्श में ऐसा सन्नाटा था जो शब्दों से भी गहरा था। बाहर की बारिश की ठंडी हवा उनके बीच की दूरी को धीरे-धीरे खत्म कर रही थी।
माया (धीमे स्वर में): “तुम… अक्सर इतने सोच में डूबे रहते हो?”
आरव (मुस्कुराते हुए): “शायद… लेकिन आज मैं सोच रहा हूँ कि तुम्हारे साथ यह पल कितना खास है।”

एपिसोड 3 – मुस्कान और इशारे
बारिश रुक गई और चांदनी बादलों के बीच से झांक रही थी। माया ने आँखों से खेला, हल्की मुस्कान दी और आरव ने उसी मुस्कान का जवाब इशारों से दिया।
टेबल पर रखा गरम चाय का प्याला उनके बीच की दूरी को और कम कर रहा था।
आरव: “तुम्हारी मुस्कान… बस मेरी दुनिया बदल देती है।”
माया (शरमाते हुए): “इतना भी मत बोलो, कहीं मैं सच में खुश ना हो जाऊँ।”

एपिसोड 4 – दिल की बातें
छत पर टपकती बारिश और हवाओं का संगीत रोमांटिक माहौल बना रहा था। आरव ने झुककर माया से कहा:
आरव: “माया, आज तुम्हें देखकर मुझे एहसास हुआ… कि कुछ पल हमेशा के लिए याद रह जाते हैं।”
माया (धीरे से): “और कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, जो उन पलों को और भी खास बना देते हैं।”
उनकी बातचीत और हल्का स्पर्श, गरम कॉफी और बारिश की नमी के बीच एक अनोखा पल बन गया।
आरव (मन की आवाज़): “क्या मैं यह पल हमेशा के लिए रोक सकता हूँ?”

एपिसोड 5 – नए रिश्ते की शुरुआत
नीला आसमान खुल चुका था। बारिश की बूंदों ने विराम लिया था। आरव और माया एक-दूसरे की आंखों में देख रहे थे।
माया: “तो… यह हमारी कहानी की शुरुआत है?”
आरव (मुस्कुराते हुए): “हाँ, और हर नया पल… हमारी फिल्म का नया सीक्वेंस होगा।”
उनका हल्का स्पर्श, मीठी मुस्कान और प्यार भरी नज़रे एक नई कहानी की शुरुआत कर रही थीं।
आरव (मन में): “शायद यही वह पल है, जिसे मैं हमेशा याद रखूँगा।”
और उनके कदम उस कैफे से बाहर निकलते समय, एक नई यात्रा की ओर बढ़ रहे थे – जिसमें हर बारिश, हर चांदनी, और हर पल सिर्फ उनका था।

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